शुक्रवार, 4 मार्च 2011

wo khili hui si hasi..........

आज कुछ है असर वसंत का उसकी हंसी पर, 
वो खिलखिलाए तो छा जाये  है हर दिल पर
उसकी खामोशिओं को क़ैद कर लो,
ता-उम्र खिलखिलाए ये दुआ कर लो.......

गुरुवार, 17 जून 2010

kaash hamse agar poochha hota......

तेरी  अठखेलियों में, तेरी चुहलबाजी में,
तेरी पहेलियों में इक अदा निराली है,
मगर अफ़सोस तेरा वास्ता ऐसों से है,
पहेलियाँ जिनके सर से गुजरने वाली हैं.

हमसे आ पूछो कभी..'अगर मेरे बस में होता...
हम होते, तुम होते, आगोश में आलम होता,
मस्तियाँ भरता यों के थिरक उठती ये फिजा,
झूमता चूमता जुल्फों को ये हर पल होता.

आ के अब वादियाँ बुलाती हैं,  मैं तुझे ले के कहीं दूर ....
माफ़ करना ये कितनी दूर निकल आया हूँ ख्यालों में,
सफ़र ऐसा भी कभी कितना मज़ा देता है.
जैसे रग-रग में कोई नशा-सा भर देता है....... 

रविवार, 23 मई 2010

manaa lo unko ..........

कोई भी ज़ख्म... गुनाह ज़िन्दगी से बड़ा नहीं,
दिल बड़ा करके अपनों को बुला लो यारों.
प्यार जिनसे है खता मुआफ उनकी कर भी दो,
प्यार से दूर होने की सजा खुद को ना दो यारों.

बुधवार, 24 मार्च 2010

mehar barsi hai yaron............

खबर आयी है ... छप्पर अचानक फंट गया यारो,
के बिन बादल अचानक खूब मेहर बरसी है यारों,
गिला कैसा कि फिर बंटी पंचों को सौगात है यारों.
जितनी झोली थी मिली उतनी ही सौगात है यारों.
      खुदा का शुक्रिया कर दो अदा, कुछ जश्न हो जाए,
      सुरूर छा जाये फिजा पर... हवा में जाम लहरायें.

javaabdehi............

हर साल योजनाओं के नाम पर सरकार द्वारा
आबंटित धन का कितना बड़ा हिस्सा अनुपयोगी 
रह जाता है और कितना दुरुपयोग का शिकार हो
जाता है यह देखने की सरकारें जहमत नहीं उठाती
और विदेशों से ऋण लेती हैं..... योजनाओं के लिए 
स्वीकृत धनराशी घोषित लक्ष्य के अनुरूप हो रही 
है या नहीं ..... वे यह देखने की जहमत नहीं उठाती.
योजनायें बनाना ही काफी नहीं है... उन पर अमल 
की प्रक्रिया भी हर स्तर पर पारदर्शी, लक्ष्यबद्ध और 
जवाबदेही से पूर्ण होनी चाहिए. 

शनिवार, 20 मार्च 2010

ab guzarish kaisi..........

इक गुज़ारिश ही जब ना पूरी हुई, 
दूसरी गुज़ारिश भला होती कैसे.
खुदा ही साथ ना दे जब अपना,
नाव भला भंवर से बचती कैसे.

यूँ तो हर कोई तेरे साथ की चाहत है लिए,
पर तेरा साथ कोई खुश-नसीब पायेगा.
रज़ा तेरी जहाँ होगी खिलेंगे फूल वहीँ,
रश्क से ये जहाँ खुद ही जल जायेगा.